मेरठ एसएसपी ने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारे, वैन में घुसकर पीटा


वकील ने जान देने की कोशिश की, पुलिस ने लाठियां बरसाईं
मेरठ। यूपी के मेरठ कलक्ट्रेट गेट पर ललिता हत्याकांड के विरोध में धरना-प्रदर्शन और जाम लगाने वाली भीड़ पर पुलिस ने बुधवार शाम लाठियां फटकार दीं। जाम लगाकर बैठे कुछ लोगों पर एसएसपी मेरठ ने आते ही थप्पड़ बरसा दिए। इसके बाद पुलिस ने भी लाठियां फटकार दी, जिसके कारण भगदड़ मच गई। पुलिस ने दर्जनभर लोगों को हिरासत में लिया है। धरने में शामिल लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस ने इसे बाहरी लोगों द्वारा शहर का माहौल खराब करने की साजिश करार दिया। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है और मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
रोहटा रोड निवासी छात्रा ललिता 15 मई को घर से कॉलेज के लिए निकली थी। 17 मई को उसकी लाश रोहटा क्षेत्र के थिरोट गांव के बाहर जंगल में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने छात्रा के परिचित अंकुश और खेत मालिक समेत बाकी लोगों को गिरफ्तार किया था। छात्रा के परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए बुधवार को कमिश्नरी पार्क में दलित महापंचायत बुलाई गई थी। इसी पंचायत में एडवोकेट रवि गौतम, सपा नेता शशिकांत गौतम, हिमांशु सिद्धार्थ, कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान भी पहुंचे। छात्रा के परिजनों के अलावा आसपास के जिलों से भी लोगों को बुलाया गया था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे धरना प्रदर्शन शुरू किया गया और इसके बाद करीब 12 बजे सभी लोग पार्क से बाहर निकले। दोपहर करीब 1.30 बजे भीड़ कलक्ट्रेट पहुंची तो पुलिस ने यहां के गेट बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर ही सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। सभी ने नारेबाजी करते हुए डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय को मौके पर बुलाने की मांग की।

नहीं खुला जाम तो पुलिस ने फटकारी लाठियां, मची भगदड़
दोपहर करीब दो बजे एडीएम सिटी, 2.15 बजे एसपी ट्रैफिक और 2.30 बजे एसपी देहात कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के साथ 10 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को डीएम-एसएसपी से मिलवाने का प्रस्ताव दिया। हालांकि भीड़ नहीं मानी। भीड़ का गुस्सा बढ़ता चला गया और माहौल गरमा गया। शाम करीब 4.30 बजे एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कई लोगों पर थप्पड़ बरसा दिए । वहीं, फोर्स ने भी मोर्चा लिया और लाठियां फटकार दी। इस दौरान भगदड़ मच गई। कुछ लोग डिवाइडर कूदकर भागने लगे और गिरकर चोटिल भी हो गए। पुलिस ने रवि गौतम समेत करीब 5 लोगों को हिरासत में लिया।
एसएसपी ने पुलिस वैन में युवक पर बरसाए थप्पड़
पुलिस ने एक युवक को पुलिस वैन में बंद कर दिया। एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने वैन में घुसकर इस युवक पर थप्पड़ बरसाए। इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। आरोप है कि बाद में पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस कार्यालय में पीटा। धरना देने वाले लोगों की पहचान वीडियो से की जा रही है। वहीं, पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी कर रही है।

एसएसपी मेरठ क्या बोले
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि 15 मई को एक छात्रा गुमशुदा हुई थी। 16 मई को सूचना के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया था और 17 मई को छात्रा की लाश रोहटा क्षेत्र में मिली थी। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी भी की गई थी। सीओ ब्रह्मपुरी के द्वारा विवेचना की जा रही थी। पुलिस की ओर से दो अन्य लोगों को साक्ष्य मिटाने में आरोपी बनाया गया था । लगातार परिवार से विवेचक और पुलिस अधिकारी वार्ता कर रहे थे। कुछ अवैधानिक तत्वों के द्वारा इस मामले को भड़काने का प्रयास किया जा रहा था और परिजनों को बरगलाया जा रहा था। कल ज्ञापन देने की बात बताई गई थी और इसकी अनुमति दी थी। आज इन लोगों को कुछ अराजक तत्वों ने बहला फुसलाकर कलक्ट्रेट गेट पर बैठाकर धरना दिया गया। पांच अराजक तत्वों की पहचान की गई है। भीड़ में शामिल दिग्विजय सिंह भाटी अमरोहा से जिला बदर है और रवि गौतम पर नोएडा में मुकदमा है। इसी तरह के लोगों ने भीड़ को भड़काया। लाइसेंस और अन्य प्रलोभन देकर भीड़ को लाया गया था। गैर जनपद से आए लोगों ने हंगामा किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। भीड़ को हटाने के लिए पांच लोगों के हिरासत में लिया गया और न्यूनतम बल प्रयोग किया है।



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