महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा
- Jantantra Live

- 2 दिन पहले
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मोदी सरकार पहली बार बिल पास कराने में नाकाम

नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटों से बढ़ाकर 850 सीटें करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद इस पर वोटिंग हुई। लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। लोकसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या 540 है, तीन सीटें खाली हैं। बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। इससे जुड़े दो बिल पेश नहीं किए गए जिनमें पहला-परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 है। सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया दी। संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है। वहीं सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र और हमारे देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है। शशि थरूर ने कहा कि हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। एमके स्टालिन ने कहा कि 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा: सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और एनडीए के तमाम सांसदों और नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की। बता दें कि 13 अप्रैल को एक कार्यक्रम पीएम मोदी ने कहा था ''मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।'' 16 अप्रैल को उन्होंने लोकसभा में कहा था, ''हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।'' वहीं शुक्रवार 17 अप्रैल को सोशल मीडिया में पीएम मोदी ने अपील की थी कि सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।
अमित शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी: शुक्रवार को इस बिल के पास नहीं होने पर लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि इस देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं -बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। जब चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।



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