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गाजियाबाद में अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर पर सपा में आक्रोश, पूर्व एमएलसी राकेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना

लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
Jantantra Live
27 अग॰
2 मिनट पठन

कहा-अखिलेश यादव की लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता से बौखलाकर की जा रही ऐसी ओछी राजनीति


गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में विवादास्पद पोस्टरों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए गाजियाबाद में लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों के बाद सपा नेताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व एमएलसी राकेश यादव ने इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा करते हुए इसे अखिलेश यादव की छवि खराब करने की राजनीति करार दिया है।

गाजियाबाद में राकेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ इस तरह के विवादास्पद और आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाना राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता से विपक्षी दल बौखला गए हैं और इसी कारण उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह की ओछी राजनीति की जा रही है।

राकेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्यान जनहित और विकास कार्यों से हट चुका है। उनका आरोप है कि जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों और समस्याओं से भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनसमस्याओं से जूझ रही है, लेकिन इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।

पूर्व एमएलसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उनके अनुसार अखिलेश यादव का उद्देश्य प्रदेश के सर्वसमावेशी विकास और सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करना है। उन्होंने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी की नीतियों और उसके नेतृत्व पर विश्वास जता रही है। राकेश यादव ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इस तरह की कथित ओछी राजनीति को नकारते हुए समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत देगी।

उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी और अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कमान संभालेंगे। राकेश यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में सपा जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। बहरहाल, उत्तर प्रदेश में पोस्टर विवाद को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टर वार और तेज हो सकती है। फिलहाल, विवादास्पद पोस्टरों को लेकर शुरू हुई सियासी जंग ने प्रदेश की राजनीति में एक नया मोर्चा खोल दिया है।

 
 
 

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