हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में गाजियाबाद में भी हुआ कार्य बहिष्कार
- Jantantra Live

- 17 दिस॰ 2025
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वकीलों के साथ ही व्यापार मंडल ने कामकाज ठप रखा

गाजियाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग के समर्थन में जिले में अधिवक्ताओं ने भी बुधवार को न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन गाजियाबाद ने पूर्व में एक कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था।
बार एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग को सशक्त बनाने के लिए आज पूरे गाजियाबाद बंद का समर्थन किया जाएगा। बैठक का संचालन बार एसोसिएशन के सचिव वरुण त्यागी ने किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग लगभग 50 वर्षों से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। केंद्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने इस मुद्दे पर 17 दिसंबर 2025 को पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बंद का आह्वान किया था। इसी आह्वान के अनुपालन में, गाजियाबाद के सभी अधिवक्ताओं ने आज न्यायिक कार्यों से खुद को दूर रखा। बार एसोसिएशन गाजियाबाद ने स्पष्ट किया है कि आज कोई भी अधिवक्ता किसी भी प्रकार के न्यायिक कार्य में शामिल नहीं होगा।

इस बंद को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद की विभिन्न राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम जनता का सहयोग मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में इस बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन गाजियाबाद ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से भी अनुरोध किया है कि वे अधिवक्ताओं के इस शांतिपूर्ण आंदोलन में सहयोग करें और सभी अधीनस्थ न्यायालयों को इसकी सूचना दें। बार एसोसिएशन ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को न्याय सुलभ कराना है। अधिवक्ताओं का मानना है कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से आम लोगों को राहत मिलेगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ होगी। उधर, मुरादनगर में पश्चिम उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन के आह्वान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग के समर्थन में बाजारों के साथ कई प्रतिष्ठान भी सांकेतिक रूप से बंद रहे।



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