पुरानी डिस्पेंसरियों को तोड़कर आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र बनाएगी दिल्ली सरकार
- Jantantra Live

- 14 दिस॰ 2025
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डीजीएचएस ने आदेश जारी कर शुरू की डेमोलिशन की प्रक्रिया

नई दिल्ली। देश की राजधानी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की दिशा में सरकार ने कदम आगे बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में कई साल पुरानी और जर्जर हो चुकी दिल्ली सरकार की 21 डिस्पेंसरियों (डीजीडी) को तोड़कर उनकी जगह नई और आधुनिक पॉलीक्लिनिक बनाई जाएंगी। इस योजना को उपराज्यपाल की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉक्टर वत्सला अग्रवाल की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है कि इन डिस्पेंसरियों का डेमोलिशन (ध्वस्तीकरण) 'टॉप प्रायोरिटी' पर किया जाएगा, ताकि नए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण जल्द शुरू हो सके।
डीजीएचएस ने यह भी निर्देश दिए हैं कि डेमोलिशन का कार्य पूरा होने के बाद मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएओ) द्वारा मौके पर वैरिफिकेशन किया जाएगा। जांच और काउंटर साइन के बाद ही काम को पूरा माना जाएगा। सरकार का कहना है कि दिल्ली के इन इलाकों में नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से इलाज का ढांचा बदलेगा। जिन डिस्पेंसरियों को तोड़ा जाएगा इनमें खानपुर, श्रीनिवासपुरी, सनलाइट कॉलोनी, शिव विहार-हस्तसाल, जनकपुरी, ख्याला, नांगलोई, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, शकरपुर, नंद नगरी, सीमापुरी, गोकलपुरी, त्रिलोकपुरी और कल्याणपुरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज सरकारी इलाज पर डिपेंड रहते हैं। डीजीएचएस आदेश में दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के लिए लगभग 65।23 लाख की रिजर्व प्राइस को मंजूरी दी है। शर्त यह है कि इस प्रक्रिया से जो भी राशि प्राप्त होगी, वह सीधे सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में यह अहम कदम है। आने वाले समय में और भी पुराने स्वास्थ्य भवनों के पुनर्विकास की योजना पर काम किया जाएगा। नई पॉलीक्लिनिक बनने से मरीजों को बेहतर ओपीडी सुविधा, आधुनिक जांच की सुविधा, ज्यादा डॉक्टर और स्टाफ, साफ और सुरक्षित भवन मिल सकेगा। दावा है कि इससे सरकारी अस्पतालों पर भी बोझ कम होगा।



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