नोएडा पुलिस ने किया ओटीटी सब्सक्रिप्शन धोखाधड़ी का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
- Jantantra Live

- 11 दिस॰ 2025
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भारत और विदेशी नामी ओटीटी प्लेटफॉर्म का कम दामों में सब्क्रिप्शन देकर विदेशी भारतियों से करते थे ठगी

नोएडा: भारत और विदेशी नामी ओटीटी प्लेटफॉर्म का कम दामों में सब्क्रिप्शन देकर विदेशी भारतियों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर फेज वन थाने की पुलिस महिला समेत 6 शातिरों को गिरफ्तार किया है. वेबबीज सर्विसेज एलएलसी कंपनी के नाम से कॉल सेंटर संचालन हो रहा था. इसमें 12 महिलाएं कॉलिंग और 3 लोग बातचीत करने के लिए नौकरी पर रखे गए थे. बाकी के गिरफ्तार आरोपी मैनेजमेंट देखते थे. ये लाइव स्ट्रीमिंग कर एंड्राइड फोन पर लाइव विडियो स्ट्रीमिंग कर लोगों से रुपये वसूलते थे.
आरोपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से विदेशी भारतियों का डेटा लेकर उन्हें कॉल कर सब्क्रिप्शन के बारे में जानकारी देते थे. इसके बाद हर व्यक्ति से 100 से 300 डालर लेकर एक साथ कई ओटोटी प्लेटफॉर्म का फर्जी तरीके से सब्क्रिप्शन उपलब्ध कराते थे. वहीं, कुछ दिन बाद सेवा बंद कर दी जाती थी और आरोपी रिनुअल के बहाने ग्राहकों से ठगी करते थे. पुलिस इस नेटवर्क के बारे में अन्य जानकारी निकाल रही है.

डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि फेज वन थाना क्षेत्र के एक बिल्डिंग में कॉल सेंटर के माध्यम से ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्क्रिप्शन देकर विदेशी भारतियों के साथ ठगी करने की सूचना मिली थी. इसके बाद एडीसीपी नोएडा शैव्या गोयल निगरानी में एक टीम बनाई गई, जिसमें सर्विलांस और स्थानीय पुलिस टीम शामिल थी. गुरुवार दोपहर टीम उसी कॉल सेंटर पर छापा मारकर कॉल सेंटर महिला संचालिका और 5 युवकों को गिरफ्तार कर ली, जिनकी पहचान तनिष्का केंद्रीय विहार सेक्टर 82, अनिल बघेल मूल निवासी मथुरा, मनीष कुमार निवासी बिहार छपरा, गौरव मूल निवासी मथुरा, राधा बल्लभ मथुरा और योगेश बघेल मथुरा के रूप में हुई है. तनिष्का गैंग की सरगना है. यही कॉल सेंटर ऑपरेट करती है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके पास एक सॉफ्टवेटर है, जिस पर सारे ओटोटी प्लेटफॉर्म आसानी से मिल जाते हैं. वे लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश भारतीयों से संपर्क करते हैं. इसके बाद अपनी कंपनी और सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देकर कम दामों में फर्जी तरीके से एक से छह महीने का सब्क्रिप्शन देते हैं. वहीं आरोपी बीच में सेवा देना बंद कर बहाने बनाने लगते हैं और ग्राहकों से दोबारा चार्ज वसूल कर ठगी करते थे.
पुलिस को इस मामले में कई शिकायते मिली तो नेटवर्क के माध्यम से उन तक पहुंची. पुलिस इस नेटवर्क के अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है. पुलिस ने उनके पास से 20 मोबाइल फोन, 5 कम्प्यूटर, 1 लैपटॉप, 5 कंप्यूटर मॉनिटर, 6 हेडफोन, 3 मोहर, 2 एक्स्ट्रीम फाइबर राउटर बरामद किया है. एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि कॉल सेंटर में 15 लोग अलग केबिन में नौकरी करते थे. उसमें 12 महिलाएं सिर्फ कॉलिंग का काम करती थी, इसके बाद 3 लोग ग्राहकों से बातचीत कर उन्हें प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी देते थे. इसके बाद पकड़े गए आरोपी लोगों को कम दामों में सब्क्रिप्शन देकर रुपये वसूलते थे. वहीं आरोपी फर्जी तरीके से नामी ओटीटी प्लेटफॉर्म से विडियो क्लिप काटकर उन्हें बेचा करते थे.



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