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दिल्ली सरकार ने भारत का पहला सिटी-सेंट्रिक एआई इंजन-दिल्ली एआई ग्राइंड शुरू किया

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 7 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बोलीं- छात्र बनेंगे चेंजमेकर



नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भारत का पहला सिटी-सेंट्रिक एआई इंजन दिल्ली एआई ग्राइंड का शुभारंभ किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के छात्रों को शहर की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए एआई-बेस्ड प्रोजेक्ट बनाने में सक्षम करना है। यह पहल दिल्ली के स्कूली छात्रों को न सिर्फ तकनीक का उपयोग सिखाएगी, बल्कि उन्हें रियल-लाइफ प्रॉब्लम सॉल्विंग की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल दिल्ली के स्कूली छात्रों को न सिर्फ तकनीक का उपयोग सिखाएगी, बल्कि उन्हें रियल-लाइफ प्रॉब्लम सॉल्विंग की दिशा में प्रेरित करेगी। यहां की कक्षाएं इनोवेशन प्रयोगशालाओं में बदलेंगी, स्टूडेंट्स चेंजमेकर बनेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई वैश्विक पहचान बना रहा है। तकनीक अब केवल विशेषज्ञों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिक और छात्रों की पहुंच भी बेहद आसान हो चुकी है। मोबाइल ऐप्स से लेकर एआई टूल्स तक युवा बड़ी समस्याओं का समाधान अब खुद विकसित कर पा रहे हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भी छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान, विज्ञान और अक में करियर बनाने के लिए प्रेरित किए। मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं से अपील की कि उनकी कल्पनाशक्ति ही दिल्ली का भविष्य तय करेगी। दिल्ली एआई ग्राइंड लगातार प्रयोग करने, निडर होकर सोचने, गलतियों से सीखने और नए एआई-आधारित समाधान खोजने में मदद करेगी। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि 21वीं सदी में किसी भी देश या शहर की प्रगति उसके युवा सोच पर निर्भर करेगी।

इस उद्घाटन समारोह में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उपस्थिति विशेष और प्रेरणास्पद रही। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने साहस, कौशल और समर्पण से देश का गौरव बढ़ाया है। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय होने के कारण पूरे देश में प्रेरणा के स्रोत बन चुके हैं। उनके इस ऐतिहासिक मिशन ने न केवल भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को एक नई दिशा दी, बल्कि भारतीय युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति उत्साह भी बढ़ाया। शुभांशु शुक्ला अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता के लिए पहचाने जाते हैं। वायु सेना में उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफल नेतृत्व किया है। अंतरिक्ष मिशन के दौरान प्रदर्शित उनके धैर्य, वैज्ञानिक समझ और तेज निर्णय क्षमता ने उन्हें वैश्विक स्तर पर सराहना दिलाई। वह आज के युवाओं के लिए एक रोल मॉडल हैं, जो यह संदेश देते हैं कि कड़ी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है।

 
 
 

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