दिल्ली पुलिस ने नकली दवाओं के रैकेट का किया भंडाफोड़, अब तक तीन गिरफ्तार
- Jantantra Live

- 18 दिस॰ 2025
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने नकली दवाओं व फर्जी कॉस्मेटिक उत्पादों के एक बड़े और संगठित रैकेट का पदार्फाश करते हुए अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई को नकली दवाओं व कॉस्मेटिक्स की सप्लाई चेन के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम ने बताया कि इस मामले में 12 दिसंबर 2025 को केस दर्ज की गई। मामले की जांच के दौरान पहले दो आरोपियों, श्रीराम व गौरव भगत को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी श्रीराम से गहन पूछताछ की गई, जिसमें उसने खुलासा किया कि प्रमोद कुमार गुप्ता नाम का व्यक्ति नकली बेटनोवेट-सी ऑइंटमेंट की सप्लाई कर रहा है। दिल्ली के बिजवासन इलाके में अवैध रूप से एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला रहा है। इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी व खुफिया सूचना तंत्र को सक्रिय किया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी प्रमोद कुमार गुप्ता को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 12:30 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच की टीम ने बिजवासन गांव स्थित एक फार्महाउस में छापा मारा, जिसको आरोपी ने किराये पर लेकर अवैध फैक्ट्री के रूप में इस्तेमाल किया था। छापेमारी के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में परिसर की विस्तृत जांच की गई। इसके साथ ही आवश्यक सैंपल एकत्र किए गए। मौके से करीब 600 किलोग्राम स्टीयरिक एसिड, पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले खाली डिब्बे, मैन्युफैक्चरिंग व पैकिंग की मशीनें तथा फेयर एंड लवली और वीट क्रीम के लगभग 800-800 बॉक्स बरामद किए गए हैं। डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक छापेमारी के दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के एक अधिकृत प्रतिनिधि ने जांच के बाद यह स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि बरामद फेयर एंड लवली वीट हेयर रिमूवल क्रीम पूरी तरह से नकली और स्प्यूरियस हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रमोद कुमार गुप्ता ने अपने एक सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद सबूत मिटाने के इरादे से करीब 25 कार्टन, जिनमें लगभग 27 हजार ट्यूब नकली बेटनोवेट-सी ऑइंटमेंट थीं, जला दिया था। इसके बाद उसने फैक्ट्री को बंद कर दिया। इसके बाद दूसरे राज्य में फरार हो गया था। डीसीपी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और वह वर्ष 2006 में कॉपीराइट एक्ट के एक मामले में भी शामिल रह चुका है।



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