top of page

दिल्ली पुलिस ने 50 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का किया भंडाफोड़ 6 गिरफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 16 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पदार्फाश करते हुए डिजिटल अरेस्ट स्कैम में शामिल 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 4 अन्य लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। यह गिरोह खुद को पुलिस और सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराता था। इसके बाद उनसे जबरन पैसे वसूलता था।

दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि शाहीन बाग पुलिस स्टेशन की टीम ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा समेत 7 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर इस नेटवर्क को तोड़ा है। कार्रवाई के दौरान इस गिरोह के एक आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह दुबई भागने का प्रयास कर रहा था।

डीसीपी हेमंत तिवारी के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों पर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 66 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें 50 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। गिरोह से जुड़े दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की शुरूआत बीती 7 दिसंबर को शाहीन बाग निवासी तनबीर अहमद की शिकायत से हुई। पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए खुद को कर्नाटक पुलिस का अधिकारी बताने वाले ठगों ने धमकाते हुए कहा कि उसका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर गंभीर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे हैं। डराकर 99,888 रुपये ठग लिए गए। डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एसएचओ शाहीन बाग के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने फाइनेंशियल ट्रेल, तकनीकी सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ीं। आरोपियों की मूवमेंट को रेल, सड़क व हवाई मार्ग से ट्रैक कर दिल्ली रेलवे स्टेशन व मुंबई एयरपोर्ट जैसे स्थानों पर दबोचा गया है।

डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें धर्मेंद्र चौहान व सोमवीर सैनी म्यूल अकाउंट की व्यवस्था और कैश निकासी का काम करते थे। मोहम्मद अहतेशामुल हक फंड चैनलिंग व नेटवर्क समन्वय का काम करता था। संतोष कुमार खंडाई अवैध सिम एक्टिवेशन न व्हाट्सएप अकाउंट सेट-अप करता था। मोहम्मद बुगारी और मोहम्मद शाहिद बैंक खातों व डेबिट कार्ड हैंडलिंग करता था। इनमें से कई आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में शामिल रहे हैं। इन लोगों को गिरफ्तारी के दौरान चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। हालांकि पूछताछ के बाद मुचलका भरवाकर (बाउंड डाउन) छोड़ दिया। इन लोगों को भूमिका सहयोगी स्तर की पाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, कई डेबिट और क्रेडिट कार्ड, फर्जी सिम कार्ड, व्हाट्सएप चैट, वॉयस नोट्स और ट्रांजैक्शन डिटेल्स, एक बलेनो कार बरामद की है।

 
 
 

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page