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गाजियाबाद: मोहन नगर में दिव्यांग बच्चों की मुस्कान बना सहायक उपकरण वितरण शिविर

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 18 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

गाजियाबाद। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत समेकित शिक्षा की अवधारणा को धरातल पर साकार करते हुए नगर संसाधन केंद्र राजीव कॉलोनी करहेड़ा मोहन नगर में आयोजित दिव्यांग बच्चों का सहायक उपकरण वितरण शिविर सेवा, संवेदना और सामाजिक दायित्व का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ।

इस शिविर के माध्यम से 139 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप 22 हियरिंग ऐड, 26 व्हील चेयर, 8 ट्राई साइकिल, 6 सीङ्मपीङ्मचेयर, 24 बैसाखी, 06 रोलेटर, 12 ब्रेल किट, 8 ब्लाइंड स्टिक, (सहायक उपकरण) बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए 40 टीएलएम किट प्रदान किए गए। उपकरण प्राप्त करते समय बच्चों के चेहरों पर झलकती मुस्कान, आशा और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण थी कि सही संसाधन मिलने पर कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में अवरोध नहीं बन सकती। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा, उपकरण, छात्रवृत्ति एवं हर संभव सहायता सरकार की प्रतिबद्धता है। ऐसे कार्यक्रम सरकार और समाज के बीच सेतु बनकर यह विश्वास दिलाते हैं कि कोई भी बच्चा अकेला नहीं है। विशिष्ट अतिथि रामशंकर, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मोदीनगर ने कहा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिव्यांग बच्चों तक पहुंचे। यह आयोजन सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन की एक प्रेरणादायक मिसाल है।

विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र कुमार 'बिल्लू', महानगर अध्यक्ष, सेल्फ फाइनेंस प्रोग्रेसिव स्कूल प्रबंधक एसोसिएशन गाजियाबाद एवं अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल गाजियाबाद ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास राष्ट्र निर्माण की नींव को मजबूत करता है। जब शिक्षा, समाज और प्रशासन एकजुट होकर कार्य करते हैं तभी वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव होता है। विशिष्ट अतिथि काजल छिब्बर, संस्थापिका साथी फाउंडेशन, रेडिको खेतान गाजियाबाद ने कहा कि समाज की सच्ची प्रगति तब होती है जब सबसे कमजोर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान आती है। आज का यह दृश्य सेवा और समर्पण की भावना का सजीव उदाहरण है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने की। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा कोई योजना मात्र नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सोच और सामाजिक जिम्मेदारी है। शिक्षा विभाग निरंतर प्रयासरत है कि हर दिव्यांग बच्चे तक आवश्यक संसाधन, सहयोग और अवसर पहुंचे। आज का यह शिविर हमारे इन्हीं सतत प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।

 
 
 

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