गाजियाबाद में हरनंदीपुरम योजना के लिए जीडीए की कवायद तेज
- Jantantra Live

- 3 दिस॰ 2025
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जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल बोले-गाजियाबाद में पांच महीने के भीतर हरनंदीपुरम योजना का पहला फेज लॉन्च होने की उम्मीद

जनतंत्र लाइव न्यूज
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गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्ति के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे आम आदमी का आशियाने का सपना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में लोगों के खुद के घर का सपना पूरा करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की तरफ से हरनंदीपुरम योजना लाई जा रही है। बीते आठ महीने से प्राधिकरण हरनंदीपुरम योजना पर काम कर रहा है। फिलहाल, प्राधिकरण की तरफ से हरनंदीपुरम योजना को को जल्द लॉन्च करने के लिए कवायद तेज कर दी गई है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के मुताबिक, अगले पांच महीने में हरनंदीपुरम योजना का पहला फेज लॉन्च होने की उम्मीद है। किसानों से बात कर जमीन खरीदने के लिए सहमति लिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। हरनंदीपुरम योजना के लिए अब तक 35 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण की तरफ से कराया जा चुका है। वहीं 85 हेक्टेयर भूमि खरीदने की अनुमति प्राधिकरण को किसानों से मिल चुकी है। हरनंदीपुरम योजना के लिए प्राधिकरण के अधिकारी किसानों से लगातार बात कर हर दिन दो से तीन हेक्टेयर भूमि के लिए सहमति प्राप्त कर रहे हैं। दावा किया है कि अगले दो हफ्ते में हरनंदीपुरम योजना के लिए किसानों से बैनामा में करने की प्रक्रिया में और तेजी आएगी। अधिकारियों का दावा है कि योजना के अगले दो महीने में 125 हेकटेयर भूमि किसानों से अर्जित की जाएगी। भू-अर्जन की प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए नए लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की प्राधिकरण में नियुक्ति करने का प्रयास किया जाएगा।

हरनंदीपुरम योजना के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की तरफ से टोपोग्राफिकल सर्वे कराया जा रहा है। टोपोग्राफिकल सर्वे करने के लिए प्राधिकरण द्वारा 'नोटिस टू प्रोसीड' चार दिन पहले जारी किया गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि महीनेभर में टोपोग्राफिकल सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे के आधार पर हरनंदीपुरम योजना के पहले फेज को लॉन्च किया जाएगा। टोपोग्राफिकल सर्वे के बाद साफ हो जाएगा की योजना पूर्ण रूप से कितने फेज में लॉन्च की जाएगी। हरनंदीपुरम योजना आठ गांव की जमीन पर विकसित की होगी। इसमें मथुरापुर, शमशेर, चंपत नगर, बनेड़ा खुर्द, नगला फिरोजपुर, मोहनपुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा गांव शामिल हैं। डीएम सर्किल रेट से चार गुना कीमत पर प्राधिकरण द्वारा किसानों से भूमि खरीदी जा रही है।



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