इटावा में डबल डेकर बसों की मनमानी से यात्रियों का आक्रोश
- Jantantra Live

- 19 दिस॰ 2025
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लगातार सामने आ रही यात्रियो से बदसलूकी की घटनाएं, संबंधित विभागों का मौन संदेहास्पद

इटावा। इटावा जिले में परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से चल रही डबल डेकर बसों की मनमानी का खामियाजा रोजाना यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। टूरिस्ट परमिट का हवाला देकर दर्जनों बसें दिल्ली के लिए सवारियों से खचाखच भरी जाती हैं और रास्ते में यात्रियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। उक्त अवैध बस चालकों द्वारा यात्रियों के साथ बदसलूकी की घटनाएं आम बात चुकी है और ऐसे में आरटीओ, यातायात पुलिस और पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
यात्रियों ने आरोप है कि अधिकतर बसें तादात से ज्यादा सवारियां भरकर चलती हैं और बीच रास्ते में ही उन्हें जबरन उतारकर दूसरी गाड़ियों में शिफ्ट किया जाता है। यही नहीं, सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को भी बीच रास्ते में उतारकर दूसरी बसों में बैठने को मजबूर किया जाता है। इससे यात्रियो को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो बस चालकों की इस मनमानी का विरोध करने पर यात्रियों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई तक की जाती है। कड़ाके की ठंड में रात 3 बजे के बाद गाड़ियों को रोककर यात्रियों को शिफ्ट करने का सिलसिला आम हो गया है।

17 दिसम्बर की सुबह लगभग 4ः30 बजे काजी हाईवे, मनिया मऊ पेट्रोल पंप पर आम्रपाली डबल डेकर बस (न्च् 75 ।ज् 3626) से दिल्ली से बकेवर लौट रहे एडवोकेट/पत्रकार मनोज कुमार दीक्षित और उनके परिवार के साथ भी यही घटना घटी। यात्रियों को जबरन उतारकर जी.आर.एस. नामक बस में बैठाया गया। बस स्टाफ ने अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की और जूते मारकर उतार देने की धमकी दी यात्रियों ने बताया कि बस स्टाफ खुलेआम कहता है कि “जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और परिवहन अधिकारी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते”। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग से आम जनता की अपील है कि इन मानकों के विपरीत चल रही गाड़ियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। अन्यथा किसी भी दिन बड़ा हादसा या गंभीर बवाल हो सकता है, जो प्रशासन के लिए सरदर्द साबित होगा। मनोज दीक्षित अधिवक्ता/पत्रकार की घटना को लेकर अधिवक्ता और पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा गया।



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