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अपराध पर करारा प्रहार: गाजियाबाद में लागू हुई ‘नाकाबंदी योजना’

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 16 दिस॰ 2025
  • 3 मिनट पठन

पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ के निर्देश पर 24×7 गहन चेकिंग

सीसीटीवी-ड्रोन से निगरानी और अपराधियों पर सख्त शिकंजा



गाजियाबाद में अपराध और अपराधियों पर त्वरित, प्रभावी एवं निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने नाकाबंदी योजना लागू कर दी है।पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना के तहत किसी भी गंभीर आपराधिक घटना के घटित होते ही जनपद की सीमाओं को तत्काल सील कर गहन चेकिंग की जाएगी, ताकि अपराधी भागने में सफल न हो सकें और उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गाजियाबाद कमिश्नरेट अपराध की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जिसकी सीमाएं दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, मेरठ और बागपत जैसे जिलों से जुड़ी हैं।ऐसे में अपराध की रोकथाम और अपराधियों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए एक सुनियोजित और सख्त रणनीति आवश्यक थी।इसी क्रम में नाकाबंदी योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।योजना के अंतर्गत जनपद के सभी प्रमुख बॉर्डरों पर जिग-जैग बैरियर लगाकर नियमित चेकिंग की जा रही है।इन चेकिंग प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे और नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।इससे 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।रात्रि के समय चेकिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नाकाबंदी स्थलों पर पर्याप्त बिजली व्यवस्था और उच्च तीव्रता वाले प्रकाश स्रोत लगाए गए हैं,जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके।नाकाबंदी योजना के तहत अतिरिक्त ड्यूटी प्वाइंट्स बनाए गए हैं और अंतरराज्यीय व अंतरजनपदीय सीमाओं से जुड़े थाना प्रभारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।अपराधियों की लोकेशन, उनके संभावित आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच की जा रही है।इसके साथ ही यूपी-112 के पीआरवी वाहन और कर्मियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरा, बीपी जैकेट, सुरक्षा उपकरण और सरकारी हथियारों से लैस किया गया है।स्टेटिक टीमों को अपने-अपने जोन में निर्धारित स्थानों पर मोर्चा लगाकर सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।रेलवे लाइन और मुख्य मार्गों से सटे गांवों व मोहल्लों में पर्याप्त पुलिस बल के साथ प्रभावी पेट्रोलिंग की जा रही है।इसके अतिरिक्त कमिश्नरेट और जोन स्तर पर गठित मीडिया सेल और साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर भी सतर्क निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह या आपराधिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।नाकाबंदी योजना के अंतर्गत नगर जोन, ट्रांस हिंडन जोन और ग्रामीण जोन में बड़ी संख्या में चेकिंग प्वाइंट्स और पुलिस बल की तैनाती की गई है।पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने स्पष्ट किया कि नाकाबंदी योजना के तहत किसी भी गंभीर अपराध की सूचना मिलते ही सभी सीमाएं तुरंत सील कर दी जाएंगी।सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी बढ़ाई जाएगी और गश्ती दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेंगे।इस योजना से डकैती, लूट, चोरी, नकबजनी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में कमी आएगी और अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों, बीट कर्मियों, महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स को विधिवत ब्रीफ किया गया है।पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह नाकाबंदी योजना अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे एक ओर अपराधियों में भय पैदा होगा तो दूसरी ओर आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत होगी।

 
 
 

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