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यूपी में अब बस 5000 रुपये में हो जाएगा पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 6 जन॰
  • 3 मिनट पठन

योगी कैबिनेट की अहम बैठक में स्टाम्प ड्यूटी व शिक्षा के 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्ताव पास हो गए हैं। बैठक में यूपी वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमावली-2025 को मंजूरी प्रदान की गई है। इस नियमावली के लागू होने से प्रदेश को वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में नई गति मिलेगी।

कैबिनेट से अनुमोदित नियमावली के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। राज्य सरकार द्वारा संशोधन अथवा समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कैबिनेट के निर्णय के विषय में बताया कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिसके चलते निवेश करने के लिए उद्योग घराने और मल्टीनेशनल कंपनियां हमारे संपर्क में हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश प्रारंभ कर दिया है। इसके माध्यम से प्रदेश में व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नियमावली के अनुसार, जीसीसी किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी, जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास , वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नॉलेज सर्विसेज जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेगी। वहीं यूपी राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टाम्प शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि अगर अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम 5,000 रुपये ही लिया जाएगा। यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। योगी कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खचीर्ली हो जाएगी। कैबिनेट की बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत कैबिनेट ने कुशीनगर जिले की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की भूमि में से 0.0920 हेक्टेयर (920 वर्गमीटर) भूमि को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में नि:शुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने फर्जी डिग्री और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) के परिसमापन का फैसला किया है। परिसमापन के बाद विश्वविद्यालय के अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रहेंगे दूसरे अहम फैसले में, आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में आॅफ-कैंपस के संचालन के लिए प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने को भी मंजूरी दी गई है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और छात्रों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

 
 
 

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