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फर्रुखाबाद में आशा बहुओं ने सीएमओ को दौड़ाया, बचने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में घुसे

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 2 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

नगर मजिस्ट्रेट ने भरोसा दिलाया-मांगों और शिकायतों पर गंभीरता से कराई जाएगी कार्रवाई



फर्रुखाबाद : स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा बहुओं का आंदोलन शुक्रवार को उस समय उग्र हो गया, जब फोन पर सीएमओ ने एक अभद्र टिप्पणी कर दी. नाराज आशा बहुओं ने सीएमओ को दौड़ा लिया. सीएमओ बचने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में घुस गए. कलेक्ट्रेट में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आशा बहुओं को रोक लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने कहा, मैंने कोई अपशब्द नहीं बोला. सभी आरोप गलत हैं.

वायरल वीडियो में आशा बहू वंदना कह रही हैं कि बीते 15 दिसंबर से प्रदेश संगठन के आह्वान पर आशा बहुएं मांगों को लेकर धरना दे रही हैं. हम लोग डीएम को ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट पहुंचीं. डीएम के न होने पर नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल ने ज्ञापन लिया और उनकी समस्याओं पर बात कराने के लिए सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार को फोन किया. आरोप है की बातचीत के दौरान सीएमओ ने आशा बहुओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. फोन स्पीकर पर होने के कारण सारी बातें वहां मौजूद आशा बहुओं ने सुन लिया. इस पर वह आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगीं. इसी बीच सीएमओ भी कलेक्ट्रेट पहुंच गए. गाड़ी से उतरते ही आशा बहुएं घेराव करने लगीं. स्थिति को देख सीएमओ दौड़ लगाते हुए सभागार के अंदर घुस गए. उनका पीछा करते हुए आशा बहुएं भी सभागार में घुसने की कोशिश करती रहीं. लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर ही रोक दिया.

नाराज महिलाओं ने सीएमओ के खिलाफ जमकर नारे लगाए. कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा. हालात को संभालते हुए नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल ने आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कराई जाएगी. सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि आशा बहुएं काम नहीं करती हैं. उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं. वह भुगतान को लेकर धरना दे रही थीं. भुगतान कर दिया गया है. अब नियमित करने की मांग कर रही है. मैंने कोई भी अपशब्द नहीं बोला था.

 
 
 

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