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मेरठ: माँ का मर्डर कर किडनेप की गई दलित लड़की बरामद, आरोपी भी हत्थे चढ़ा

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 10 जन॰
  • 2 मिनट पठन

कपसाड़ में दूसरे दिन भी सियासी सरगर्मी जारी रही, पुलिस ने गाँव को छावनी बनाया



मेरठ: सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी 20 वर्षीय बेटी के अपहरण की घटना में नया मोड़ आ गया है. तनाव और हंगामे के बीच शनिवार देर शाम पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही युवती को भी बरामद कर लिया है. मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने शनिवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है वहीं मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अपहृत रूबी को भी हरिद्वार से बरामद कर लिया है। एसएसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से पुलिस को सफलता मिली है. इस मामले में पुलिस पड़ताल कर रही है और पूछताछ की जा रही है. किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

गौरतलब है कि कपसाड़ गांव के मनदीप ने बताया था कि 8 जनवरी को रोजाना की तरह मां सुनीता और बहन रूबी (20) जंगल की तरफ जा रही थीं. तभी गांव का ही रहने वाला पारस सोम वहां पहुंचा और बहन को किडनैप करने लगा. मां जब इसका विरोध किया तो उसने धारदार हथियार से मां पर हमला कर दिया. इसके बाद अस्पताल में सुनीता की मौत हो गई. सुनीता की मौत के बाद गांव में तनाव पैदा हो गया और राजनीति भी शुरू हो गई. करीब 50 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद युवती और युवक का सुराग नहीं मिलने पर लोग आक्रोशित हो उठे थे. जिसके कारण गांव में फोर्स तैनात किया गया है. वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं के गांव पहुंचने की जानकारी मिलने से शासन-प्रशासन अलर्ट है. गांव में आने वाले नेताओं को टोल प्लाजा पर ही पुलिस प्रशासन रोक रहा है, जिसको लेकर लगातार हंगामा जारी है.

चंद्रशेखर आजाद को गांव जाने से रोका गया: शनिवार शाम को आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद से निकलकर बाइक पर बैठकर किसी तरह काशी टोल पर पहुंचे तो वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। उनके साथ धक्कामुक्की हुई और तीखी नोकझोंक हुई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया। वहीं विधायक अतुल प्रधान की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को भी सिवाया टोल प्लाजा पर रोक लिया गया। उनकी भी पुलिस से कहासुनी हुई। इनके अलावा पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, सांसद तनुज पूनिया को काशी टोल पर रोक दिया गया। इन्होंने तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। दूसरी ओर पूर्व विधायक संगीत सोम और भाजपा नेता सुनील भराला ने गांव में सुनीता के परिजनों से मिलकर उनको हर संभव मदद का आश्वासन दिया।


 
 
 

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