मेरठ मंडल् में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए मण्डलायुक्त ने दिए कई आदेश
- Jantantra Live

- 24 दिस॰ 2025
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डेढ़ हजार वाहनों का पंजीकरण निरस्त होगा

मेरठ/गाजियाबाद। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सख्त और व्यापक रणनीति तय की गई। बैंठक में मंडलायुक्त ने 40 और 50 चालान वाले 1339 वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लैक स्पॉट के सुधारात्मक कार्यों को तत्काल कराने और एक सप्ताह में भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
मेरठ मंडलायुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में वाहन संचालन और अवैध स्टंट ड्राइविंग पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बाहर चल रही अवैध एम्बुलेंस सेवाओं पर शिकंजा कसने के भी आदेश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 50 से अधिक चालान वाले 132 और 40 से अधिक चालान वाले 1207 वाहनों के खिलाफ पंजीकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। कुल 1339 वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत कट बंद करने, झाड़ियां हटाने और ब्लिंकिंग लाइट व स्पीड साइन बोर्ड 500 से 1500 मीटर की दूरी पर लगाए जाने के निर्देश दिए गए। टोल प्लाजाओं पर 24 घंटे एम्बुलेंस उपलब्ध कराने, चालक और वाहन का विवरण स्थानीय थानों को उपलब्ध कराने और कोहरे के समय पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा गढ़मुक्तेश्वर में अक्सर लगने वाले जाम के स्थायी समाधान को भी प्राथमिकता दी गई।
मंडलायुक्त ने सभी विभागों को समन्वित प्रयास कर दुर्घटना में मृत्यु शून्य करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं एक्सप्रेसवे के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर स्थापित टोल प्लाजाओं पर 24 घण्टे एक-एक एम्बुलेन्स की उपलब्धता के साथ चालकों की 8-8 घण्टे की तीन शिफ्ट में डयूटी लगाकर सम्बन्धित एम्बूलेन्स का नम्बर एवं चालक का नाम एवं मोबाईल नम्बर स्थानीय थानें को उपलब्ध करायें जिससे जरूरत पडने पर तत्काल समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटना पीडितों को समय से चिकित्सीय उपचार कराया जा सके। सडक सुरक्षा नियमों के प्रचार प्रसार को कहा। बैठक में परिवहन, पुलिस, एनएचएआई, लोक निर्माण, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



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