नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मौत के मामले में एक्शन-दर-एक्शन
- Jantantra Live

- 20 जन॰
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पहले अथॉरिटी सीईओ हटाए गए, अब बिल्डर गिरफ्तार, मृतक की कार भी बरामद

नोएडा। राजधानी दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। यह इस मामले में पहली बड़ी गिरफ्तारी है। युवराज की मौत मामले में बिल्डर की भूमिका सामने आने के बाद यह एक्शन लिया गया है। वहीं, एनडीआरएफ की टीम ने भी मंगलवार दोपहर को 30 फीट गहरे बेसमेंट के अंदर से मृतक की कार को बरामद कर लिया है। हादसे के बाद मृतक युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी (ऋकफ) दर्ज की थी। मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। बिल्डर पर लापरवाही बरतने, निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग न करने, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड न लगाने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (इठर) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (लापरवाही से मौत) और 125 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले की जांच के लिए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो 5 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया है। वहीं, ट्रैफिक सेल के एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है और कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इंजीनियर युवराज मेहता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उन्होंने ठंडे पानी में दो घंटे तक मौत से संघर्ष किया था।



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