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नोएडा में इंटरनेशनल साइबर क्राइम का पर्दाफाश

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 18 जन॰
  • 2 मिनट पठन

बेटिंग ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार



नई दिल्ली/नोएडा: नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ रविवार को किया है, जो भारत में प्रतिबंधित ऑनलाइन बेटिंग ऐप के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर देश भर के लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था. श्रीनगर साइबर थाने में दर्ज एक मुकदमे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो तार नोएडा के इस अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मिले. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के i4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-1 स्थित कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा. यहां से पुलिस ने मुख्य आरोपी अनूप श्रेष्ठ को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है. साइबर ठग अनूप 2022 में मॉस्को (रूस) गया था, जहां उसने एक बेटिंग कंपनी के मुख्यालय में ढाई साल तक काम किया. वहां से 'लीजा' नाम की एक रसियन अधिकारी ने उसे भारत में नेटवर्क फैलाने के लिए भेजा. जून 2025 में भारत लौटने के बाद वह दिल्ली-नोएडा से इस काले कारोबार को संचालित कर रहा था. जांच में पता चला कि यह गिरोह भारत में प्रतिबंधित बेटिंग ऐप के जरिए लोगों को जुआ खेलने के लिए उकसाता था. आरोपी 'मनी लॉन्ड्रिंग' और 'म्यूल अकाउंट्स' का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपयों का हेरफेर कर रहे थे, साइबर ठग के पास से पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें एक हाई-टेक सर्वर और चार कंप्यूटर सीपीयू, तीन इंटरनेट राउटर और दस पीएनटी फोन, खासतौर पर तैयार अंग्रेजी और रशियन भाषा का की-बोर्ड, ठगी से जुड़े डेटा वाला मोबाइल फोन शामिल है. नोएडा पुलिस अब कंपनी मालिकों और उन बैंक खातों की तलाश कर रही है जिनमें ठगी की रकम भेजी गई थी. पुलिस का दावा है कि इस सर्वर की जांच से देश भर में हुए कई बड़े साइबर फ्रॉड के राज खुलेंगे.

 
 
 

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