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नोएडा में 500 लोगों से ठगी करने वाला कॉल सेंटर पकड़ा

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

लैप्स पॉलिसी मैच्यूर कराने पर लेते थे 10 हजार से 1 लाख रुपए, 3 गिरफ्तार



नोएडा। भारत देश में रहने वाले लोगों की लैप्स बीमा पॉलिसी के रुपये ब्याज सहित वापिस दिलाने के नाम पर जनता से पैसों की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेन्टर का पदार्फाश करते हुए थाना फेस-वन पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगों के कब्जे से 1 लैपटॉप, 8 स्मार्ट मोबाइल फोन, 8 कीपैड मोबाइल, 3 पीएनटी फोन व 15 कालिंग डाटा शीट बरामद की है। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने अब तक लोगों से लैप्स बीमा पॉलिसी की रकम दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की है।

एडीसीपी नोएडा शैव्या गोयल ने बताया गुरुवार को थाना फेस-1 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेन्स व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से लैप्स बीमा पॉलिसी के रुपये वापस दिलाने के नाम पर पैसे ठगने वाले एक फर्जी कॉल सेन्टर का पदार्फाश करते हुए 3 साइबर अपराधी वरूण शर्मा पुत्र वीरेश चन्द्र शर्मा, मदन गुप्ता पुत्र स्व. रामसनेही लाला गुप्ता तथा प्रदीप वर्मा पुत्र सुरेन्द्र शाह को नोएडा सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों द्वारा अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गयी है, जिसमें करीब 20 बैंक खातो में ठगी के करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए फ्रीज कराये गये हैं ।

अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह भारत देश में रहने वाले लोगों को लैप्स बीमा पॉलिसी के रुपये वापस दिलाने के नाम पर पैसे ठगकर फर्जी बैंक खातों में धनराशि ट्रान्सफर कराते थे। अभियुक्त फर्जी बैंक खातों में लेनदेन करते थे। उन बैंक खातों में जमा लाखों रुपए फ्रीज कराये गये है। अभियुक्तों से बरामद लैपटॉप में ठगी से सम्बन्धित डाटा शीट्स पाए गये है। जो अभियुक्त वरूण द्वारा 10,000/- रुपए में 5,000 व्यक्तियों का डाटा प्राप्त किया गया और कम्पनी के कर्मचारियों में बांट दिया।

उन्होंने बताया कि अभियुक्तगण झांसा देकर 10,500 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक का इन्वेस्ट करा लेते थे तथा ठगी की रकम आपस में बांट लेते थे। अभियुक्तगण रियल स्टेट में इन्वेस्टमेन्ट व छकउ की पॉलिसी को कम समय में मैच्योर कराके पूरी रकम वापस कराने के नाम पर भी ठगी करते थे। इस प्रकार की ठगी से सम्बन्धित 20 से अधिक शिकायते ठउफढ पोर्टल पर विभिन्न राज्यों मे दर्ज है। अभियुक्त ठगी के रूपयों से आॅनलाइन क्रिकेट सट्टा(बैटिंग) खेलते थे जिसमे 20 प्रतिशत पर खाता खरीदकर 80 प्रतिशत रुपए अपने बैंक खातो में जमा करा लेते थे।

 
 
 

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