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दोस्ती कर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

नाइजीरियाई साइबर गिरोह के पास से मोबाइल व अन्य चीजें बरामद की गई



नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर दोस्ती कर महंगे गिफ्ट और विदेशी करेंसी भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस गिरोह के नाइजीरियाई सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है. डीसीपी नॉर्थ राजा बंठिया ने बताया कि बुराड़ी निवासी 40 वर्षीय महिला ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी. महिला के अनुसार अप्रैल 2025 में एक व्यक्ति ने खुद को नितिन पटेल बताकर व्हाट्सऐप पर संपर्क किया. दोस्ती के बाद आरोपी ने विदेश से महंगे गिफ्ट और 50 हजार पाउंड भेजने का झांसा दिया. इसके बाद कस्टम ड्यूटी, क्लीयरेंस, लेट फीस और ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर महिला से करीब 4.20 लाख रुपये ठग लिए गए.

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, व्हाट्सऐप और गूगल लॉग्स का गहन तकनीकी विश्लेषण किया. जांच में पता चला कि ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी, जिनके पते फर्जी निकले. पुलिस ने करीब 200 मोबाइल नंबरों और आईएमईआई का विश्लेषण किया और लगातार लोकेशन ट्रैक की. डीसीपी ने बताया कि 23 जनवरी को पुलिस ने सागरपुर इलाके में छापेमारी कर एक नाबालिग को पकड़ा. उसकी कॉल डिटेल से कुन्हाल और अंश की पहचान हुई, जिन्हें बाद में नजफगढ़ इलाके से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने नाइजीरियाई नागरिक को बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने की बात कबूली. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज की फर्जी डिलीवरी का मैसेज भेजा दिए गए. लोकेशन पर जब नाइजीरियाई नागरिक पार्सल लेने पहुंचा तो पुलिस टीम ने उसे बुराड़ी इलाके से दबोच लिया. उसकी पहचान कुलीबली अमारा (32) के रूप में हुई.

पुलिस के अनुसार, कुलीबली अमारा पिछले सात वर्षों से भारत में रह रहा था और पहले भी विदेशी अधिनियम के मामले में गिरफ्तार हो चुका है. वहीं कुन्हाल उर्फ सोनू (31) और अंश ओबेरॉय (22) बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराते थे. नाबालिग भी इसी नेटवर्क से जुड़ा था. आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड (जिनमें तीन विदेशी सिम शामिल हैं), एक डेबिट कार्ड और एक नोटबुक बरामद की गई है. वहीं मोबाइल फोन में कई फर्जी फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैट्रिमोनियल और विदेशी व्हाट्सऐप अकाउंट पाए गए. जांच में ऐसे ही 10 अन्य ठगी के मामलों के लिंक भी सामने आए हैं. डीसीपी राजा बंठिया ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह की ठगी की सूचना तुरंत साइबर पुलिस या एनसीआरपी पोर्टल पर दें.

 
 
 

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