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दिल्ली में हुए 13 जिले, शहादरा को नॉर्थ ईस्ट में मिलाया गया

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 26 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

सरकार ने सब डिवीजनो की संख्या को 33 से बढ़ाकर 39 किया



नई दिल्ली। दिल्ली में जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है। पुनर्गठन के तहत तीन नए जिले- ओल्ड दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ और आउटर नॉर्थ बनाए गए हैं। जबकि शाहदरा जिले को नॉर्थ ईस्ट में मिला दिया गया है। दिल्ली सरकार ने अपने बयान में कहा कि ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज और नागरिक सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। नए जिले बनाने को लेकर नोटिफिकेशन गुरुवार को जारी किया गया था। जानकारी शुक्रवार को सामने आई।

13 नए जिलों में साउथ ईस्ट, पुरानी दिल्ली, नॉर्थ, नई दिल्ली, सेंट्रल, सेंट्रल नॉर्थ, साउथ वेस्ट, आउटर नॉर्थ, नॉर्थ वेस्ट, नॉर्थ ईस्ट, ईस्ट, साउथ और वेस्ट शामिल हैं। दिल्ली में जिलों को लेकर बदलाव 13 साल बाद किया गया है। 2012 में आखिरी बार साउथ-ईस्ट और शाहदरा जिले बने थे। ये नए जिले एमसीडी के 12 जोन, न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ पूरी तरह मेल खाएंगे।

एसडीएम कार्यालयों की संख्या 33 से बढ़कर 39 होगी: इस बदलाव से एसडीएम कार्यालयों की संख्या 33 से बढ़कर 39 हो जाएगी। हर जिले में मिनी सेक्रेटेरिएट बनेगा, जहां ज्यादातर सरकारी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी। सीएम रेखा गुप्ता पहले ही इसकी घोषणा कर चुकी हैं।

पहले दिल्ली में 11 राजस्व जिले थे- सेंट्रल, ईस्ट, न्यू दिल्ली, नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, शाहदरा, साउथ, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट। लेकिन एमसीडी के 12 जोन और एनडीएमसी-कैंटोनमेंट के अलग इलाके होने से जगहों पर भ्रम और झगड़े होते थे। दिल्ली में फिलहाल 11 जिलों के हिसाब से 22 सब रजिस्ट्रार कार्यालय हैं जिन्हें बढ़ाकर 39 किया जाएगा लेकिन तब तक जनता को किसी को समस्या ना हो इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल 13 जिलों के क्षेत्र में संपत्ति की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री 22 सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में ही करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली में इसी साल भाजपा 26 साल बाद सत्ता में वापसी की: दिल्ली में इसी साल फरवरी में विधानसभा चुनाव हुए थे। भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर 26 साल बाद सत्ता में वापसी की थी। आम आदमी पार्टी को 40 सीटों का नुकसान हुआ और वह 22 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस को दिल्ली में लगातार तीसरे विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली। भाजपा ने सरकार बनने के बाद रेखा गुप्ता को सीएम बनाया।

भाजपा सरकार बनते ही 11 महीने में जिला बदलने का फैसला: रेखा गुप्ता के सीएम बनने के बाद दिल्ली में 11 महीने में नए जिले जोड़ने का फैसला लिया गया था। 11 दिसंबर को दिल्ली कैबिनेट ने नए जिलों में बदलने का प्रस्ताव पास किया था। इसे लागू करने के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को भेजा गया। 15 दिन बाद सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी हो गया।

 
 
 

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