दिल्ली में 8 साइबर ठग गिरफ्तार, चीन से निकला कनेक्शन
- Jantantra Live

- 13 जन॰
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह मे शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मामले में 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस के मुताबिक गिरोह में शामिल अपराधी चीन स्थित आॅपरेटर के इशारों पर काम करते थे। गिरोह को सोशल मीडिया चैनलों के जरिए कंट्रोल किया जाता था। बैंक खातों की गोपनीय जानकारी शेयर की जाती थी और ओटीपी को बायपास करने के लिए एपीके फाइलों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल राशि को म्यूल (आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले बैंक अकाउंट) अकाउंट के जरिए कई परतों में घुमाकर क्रिप्टोकरंसी में तब्दील करवा रहे थे। इनसे 4।70 लाख रुपये, 14 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड और सात डेबिट कार्ड मिले हैं। डीसीपी अभिषेक धनिया ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना नेटवर्क दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी यूपी में फैला हुआ था। गिरफ्तार आरोपियों में शालीमार गार्डन गाजियाबाद निवासी 25 वर्षीय वसीम शामिल है, जिसके नाम पर चार म्यूल बैंक खाते पाए गए। वसीम पुरानी सीमापुरी इलाके में जैकेट सिलाई का काम करता था और इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम को आगे बढ़ाता था। इसके अलावा, गाजियाबाद के शालीमार गार्डन निवासी 29 वर्षीय तोसीन मलिक को भी गिरफ्तार किया गया, जो गारमेंट फैक्ट्री में काम करता था और कई फर्जी खातों को आॅपरेट करता था। दिल्ली के सीमापुरी इलाके से 36 वर्षीय साबिर को पकड़ा गया, जो पेशे से प्रॉपर्टी ब्रोकर है और व्हाट्सऐप के जरिए बैंक खाते और क्रिप्टो लेनदेन से जुड़े संपर्क उपलब्ध कराता था। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सैय्यद बड़ा इलाके से 24 वर्षीय फरकान उर्फ डॉ शिनू को गिरफ्तार किया गया, जो मेडिकल स्टोर चलाता था और ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलने का काम करता था।
उसके करीबी सहयोगी 25 वर्षीय साहिबे आलम को मुरादाबाद के जयंतिपुर इलाके से दबोचा गया, जो क्रिप्टो ट्रांजेक्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।



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