दिल्ली के लघु उद्यमियों को बिना गारंटी मिलेगा 10 करोड़ तक का लोन
- Jantantra Live

- 4 दिन पहले
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दिल्ली सरकार ने सीजीटीएमएसई के साथ किया करार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सूक्ष्म और लघु उद्यमियों (MSE) के लिए खुशखबरी है. दिल्ली सरकार ने छोटे कारोबारियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 'क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज' (CGTMSE) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. इसके तहत अब दिल्ली के उद्यमियों को बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे (कोलैटरल फ्री) 10 करोड़ रुपये तक का ऋण मिल सकेगा. दिल्ली सचिवालय में इस समझौते के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सुरक्षा चक्र है. आमतौर पर बैंक बिना गारंटी के ऋण देने में कतराते हैं, लेकिन इस करार के बाद ऋण का जोखिम सरकार और ट्रस्ट मिलकर उठाएंगे. योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में 95 प्रतिशत तक की क्रेडिट गारंटी दी जाएगी. छोटे उद्यमों के लिए 75 प्रतिशत कवरेज सीजीटीएमएसई द्वारा और 20 प्रतिशत दिल्ली सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.

दिल्ली सरकार ने इस योजना में सामाजिक समावेशन का भी ध्यान रखा है. महिला उद्यमियों और 'अग्निवीरों' द्वारा शुरू किए गए एमएसएमई को विशेष रियायत दी गई है. इनके लिए 90 प्रतिशत गारंटी ट्रस्ट देगा और 5 प्रतिशत की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार उठाएगी. सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख तक के लोन पर 85 प्रतिशत ट्रस्ट और 10 प्रतिशत सरकार की गारंटी होगी.
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, खुदरा व्यापार और शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए शुरुआती 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से 50 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा.
इस मौके पर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस पहल से दिल्ली में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे. अक्सर नए विचार होने के बावजूद युवाओं के पास बैंक को देने के लिए गारंटी नहीं होती, जिससे उनका व्यवसाय शुरू नहीं हो पाता. अब सरकार के इस करार से बैंकों का जोखिम कम होगा और वे आसानी से ऋण वितरित कर सकेंगे. इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि राजधानी में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.



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