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दिल्ली के बेगमपुर इलाके में चला डीडीए का बुलडोजर, 500 से ज्यादा लोग बेघर

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 14 जन॰
  • 2 मिनट पठन

गौशालाएं भी की जमींदोज, इस बुलडोजर एक्शन पर उठ रहे सवाल



नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 23 स्थित बेगमपुर थाना इलाके में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के द्वारा इलाके में बनी गौशाला और झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस तोड़फोड़ की कार्रवाई ने करीब पांच सौ लोगों को इस कड़ाके की ठंड में सड़कों पर ला खड़ा कर दिया। स्थानीय लोगों ने डीडीए की इस कार्रवाई को पूरी तरह से 'अमानवीय' और 'शर्मनाक' बताया। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, डीडीए ने यह कार्रवाई जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से शुरू की है। सुबह भारी पुलिस बल और डीडीए की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और झुग्गियों के साथ-साथ बनीं गौशाला को हटाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का सामान मलबे में दब गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे आ गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पहले से कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास की ठोस जानकारी नहीं दी गई। वहीं, गौशाला संचालकों का कहना है कि यहां रखे गए गोवंश पहले से ही बीमार हैं और अचानक हटाने से उनकी जान को खतरा है। कई गायों और गोवंश को न तो समय पर चारा मिला और न ही इलाज की कोई व्यवस्था दिखी। कार्रवाई के दौरान कुछ सामाजिक संगठनों ने मौके पर पहुंचकर विरोध भी जताया और मांग की कि गोवंश के लिए तुरंत अस्थायी शेल्टर और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। गौशाला संरक्षक विवेक पांडेय ने बताया, ''यहां कोई भी अतिक्रमण नहीं है। इस गौशाला में बेघर ओर बीमार गाय को ही लाया जाता है और इलाज किया जाता है। साथ ही यहां गरीब झुग्गीवासी रहते हैं जिन्हें कड़ाके की सर्दी में बेघर किया गया है।'' बता दें कि रोहिणी के बेगमपुर इलाके में डीडीए की इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 
 
 

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