दिल्ली: 27 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, 4 साइबर ठग गिरफ्तार
- Jantantra Live

- 24 दिस॰ 2025
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दिल्ली पुलिस ने 7.16 करोड़ का ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम पकड़ा

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने देशभर में फैले एक बड़े ऑनलाइन निवेश ठगी गिरोह का पदार्फाश करते हुए चार अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी निवेश ऐप और नकली आईपीओ के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
क्राइम ब्रांच डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुणे के मयूर मारुति सानस और गौरव जाधव, तथा हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली और मोहम्मद अबरार खान के रूप में हुई है। आरोपी पुणे के एक होटल में एक साथ रह रहे थे और ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए सक्रिय रूप से फर्जी खातों का संचालन कर रहे थे। इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक ठगी की कुल राशि 27.20 लाख थी जबकि जांच में सामने आया है कि इससे जुड़े एनसीआरपी मामलों में 7.16 करोड़ तक का पैसा ट्रेस किया जा चुका है। डीसीपी के मुताबिक पीड़ित को व्हाट्सएप के जरिए फर्जी निवेश ग्रुप में जोड़ा गया। वहां उसे बड़े मुनाफे का लालच देकर कॉनीफर नाम का एक नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। इस ऐप में बिना किसी असली बैंक या डीमैट अकाउंट के फर्जी मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद आरोपियों ने जयेश लॉजिस्टिक्स नाम के एक फर्जी आईपीओ में निवेश के लिए दबाव बनाया और पीड़ित से अलग-अलग खातों में 27.20 लाख ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने और 22 लाख देने से मना किया तो उसका ऐप अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया कि जिन खातों में पैसा गया, वे असल में म्यूल अकाउंट थे जिनका कोई असली कारोबार नहीं था। इनमें से नेक्सस इन ब्रॉडबैण्ड नाम का खाता मुख्य जरिया था, जिसके जरिए पैसा आगे अलग-अलग खातों में घुमाया गया और एटीएम से निकासी की गई। गिरफ्तार आरोपियों में पुणे और हैदराबाद के रहने वाले चार लोग शामिल हैं, जो होटल में साथ ठहरकर इन खातों को आॅपरेट कर रहे थे। पुलिस को मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और चैट्स से ठगी के पुख्ता सबूत मिले हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबि यह एक बहु-स्तरीय साइबर ठगी नेटवर्क है जिसमें फ्रंट-एंड कॉलर, म्यूल अकाउंट, कैश कलेक्टर और हैंडलर शामिल हैं। वही इसी मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारी हो सकती है।



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