गुरुग्राम में प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े 5 जालसाज
- Jantantra Live

- 28 दिस॰ 2025
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'डीएलएफ की प्रीमियम प्रॉपर्टी पर दिला देंगे तुरंत कब्जा', कह कर जालसाजों ने फर्जी कागजात दिखा ठग लिए थे 12 करोड़

नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रॉपर्टी बेचकर दो सौ करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मोहित, विशाल मल्होत्रा, अभिनव पाठक, भारत छाबड़ा और सचिन गुलाटी के रूप में हुई। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई दो कारें भी जब्त की हैं। इसके साथ ही बैंक खातों को सीज कर गिरोह के सदस्य राम सिंह सहित अन्य की तलाश कर रही है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने रविवार को बताया कि पीड़ित किशन अग्रवाल ने इस साल जून में 12 करोड़ की ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने शिकायत में एक कंपनी और उससे जुड़े लोगों पर ठगी का आरोप लगाया था। बीते साल पीड़ित से अभिनव पाठक नाम के शख्स ने मुलाकात की। उसने बताया कि एमजी लीजिंग एंड फाइनेंस को बैंक द्वारा जब्त सम्पत्तियों को बेचने का अधिकार मिला है। अभिनव ने पीड़ित की मुलाकात कंपनी के मालिक मोहित एवं राम सिंह से कराई। इन्होंने गुरुग्राम में डीएलएफ कैमिलयास की जब्त सम्पत्ति के कागज पीड़ित को दिखाए। फिर पीड़ित ने इसे खरीदने के लिए आरोपियों को बीते साल अगस्त से अक्तूबर के बीच में आॅनलाइन और डिमांड ड्राफ्ट से 12 करोड़ रुपये दे दिए। इस बाबत आरोपियों ने फर्जी मैसेज भी पीड़ित के मोबाइल फोन में भेजे थे। जब पीड़ित ने बैंक से दस्तावेजों की जांच कराई तो ठगी का अहसास हुआ। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इस बीच मालूम हुआ कि मोहित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। पुलिस ने उत्तराखंड के डोईवाला से 25 नवंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने विशाल मल्होत्रा, अभिनव पाठक, भारत छाबड़ा और सचिन गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया। इसमें सचिन एवं विशाल मल्होत्रा ने ठगी की रकम को खपाने के लिए बैंक खाते मुहैया कराए थे। देशभर में करते थे ठगी आरोपी भरत छाबड़ा का का काम फर्जी दस्तावेज बनाने का था। आरोपियों ने बताया कि राम सिंह के इशारे पर ठगी के रुपयों को एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया। डीसीपी ने बताया कि यह गिरोह देशभर में इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक के पास बंधक बनी प्रॉपर्टी को नीलामी में खरीदने का दावा कर 200 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। जांच में सामने आया है कि बीते साल राम सिंह के ठिकाने पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी और बैंक में जमा 28 करोड़ रुपये जब्त कर लिए थे।



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