गाजियाबाद में वाहन चोरी करने वाले 4 गिरफ्तार
- Jantantra Live

- 12 जन॰
- 2 मिनट पठन
तीन बाइक, औजार, स्कूटी बरामद, छोटा हाथी और बड़ी मात्रा में पुर्जे बरामद

गाजियाबाद। दोपहिया वाहन चुराकर उनके पुर्जे दिल्ली में बेचने वाले गिरोह का पदार्फाश करते हुए वेव सिटी पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से चोरी की तीन बाइक, एक स्कूटी, वारदात में प्रयुक्त छोटा हाथी और बड़ी मात्रा में पुर्जे बरामद हुए। एसीपी वेव सिटी प्रिया श्री पाल ने बताया कि बीते 16 दिसंबर को रईसपुर थाना मधुबन बापूधाम निवासी साहिल, सात जनवरी को ग्राम खिचरा थाना धौलाना जिला हापुड़ निवासी सुमाइल, 11 जनवरी को ग्राम इनायतपुर थाना वेव सिटी निवासी राजीव और उसी दिन आदित्य वर्ल्ड सिटी निवासी जहांआरा खातून ने अपने-अपने दोपहिया वाहन चोरी होने की रिपोर्ट वेवसिटी थाने में दर्ज कराई थी। वाहन चोरी के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए गिरोह की धरपकड़ के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। इसी कड़ी में सोमवार को अहम सुराग लगने के बाद गिरोह का खुलासा करते हुए चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
एसीपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविंद निवासी सुदामापुरी थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक, नदीम निवासी ग्राम ढबारसी थाना मसूरी, समद निवासी ग्राम देहपा थाना पिलखुआ हापुड़ और शाहरुख निवासी ताज कॉलोनी थाना मसूरी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य रात के समय सुनसान इलाकों में खड़े दोपहिया वाहनों की पहले रेकी करते, फिर चोरी करते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद और हापुड़ के विभिन्न थानों में 35 मुकदमे दर्ज थे। चोरी के वाहन दिल्ली ले जाते थे पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वह चोरी किए गए वाहनों को एक मालवाहक वाहन में लादकर दिल्ली सीमापुरी ले जाते थे। वहां वाहनों को या तो औने-पौने दामों में बेच दिया जाता था या फिर कटवाकर उनके पार्ट्स अलग-अलग स्थानों पर खपा दिए जाते थे। आरोपियों ने बताया कि बरामद एक बाइक करीब एक माह पहले डासना खाद गोदाम के पास से, दूसरी चार दिन पहले पिलखुवा में एचडीएफसी बैंक के पास से, तीसरी बाइक करीब छह माह पहले उत्तरांचल नगर नंदग्राम से और स्कूटी करीब सात माह पहले शिप्रा सनसिटी से चोरी की थी। प्लास्टिक बोरे में मिले पुर्जों को डासना से चोरी की गई तीन मोटरसाइकिलों के बताया। आरोपियों ने बताया कि समद बाइक के तार जोड़कर वाहन स्टार्ट कर लेता था और उसे लेकर भाग जाता है। गोविंद, शाहरुख और नदीम थोड़ी दूरी पर खड़े होकर आने-जाने वालों और पुलिस पर नजर रखते हैं। इसके बाद वाहनों को शाहरुख की दुकान पर ले जाकर नंबर प्लेट हटाई जाती थी और पुर्जे अलग कर गोविंद के मालवाहक वाहन में भरकर सीमापुरी दिल्ली में बेच देते थे।



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