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गाजियाबाद में फर्जी डॉक्टर गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: Jantantra Live
    Jantantra Live
  • 1 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

फार्मेसियों से करोड़ों की दवाइयां ठगी, लाखों की महंगी दवाइयां व बड़ी संख्या में सिम बरामद



गाजियाबाद। जिले की क्राइम ब्रांच टीम ने फर्जी डॉक्टर बनकर मेडिकल फार्मेसियों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग खुद को बड़े अस्पतालों का डॉक्टर या विभागाध्यक्ष बताकर महंगी दवाइयां मंगवाते और फर्जी चेक देकर फरार हो जाते थे। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम और क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर थाना कोतवाली रेलवे स्टेशन क्षेत्र के माल गोदाम रोड से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में सिम कार्ड और लाखों रुपये की महंगी दवाइयां बरामद हुई हैं।

एडीसीपी क्राइम के मुताबिक, आरोपी फोन पर खुद को नामी अस्पतालों का डॉक्टर या ऌडऊ बताते थे। वे फार्मेसियों से संपर्क कर भरोसा जीतने के लिए बड़े अस्पतालों के नाम लेते और तुरंत दवाइयों की डिलीवरी की मांग करते थे। दवाइयां मिलने के बाद वे फामेर्सी संचालक को फर्जी चेक सौंप देते थे, जो बाद में बैंक में बाउंस हो जाता था। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना मुकेश तनेजा है, जो पहले भी इसी तरह के ठगी के मामले में दिल्ली के रोहिणी इलाके से जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में अमित खुराना, दीप सिंह चुग और मुकेश अखरिया उर्फ सुंदर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह इंडिया मार्ट जैसे आॅनलाइन प्लेटफॉर्म से फार्मेसियों के मोबाइल नंबर जुटाता था। आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम, जयपुर, सूरत, अहमदाबाद, भोपाल और अन्य शहरों में ठगी की। अब तक करीब 50-60 फार्मेसियों से करोड़ों रुपये की दवाइयों की ठगी की जानकारी सामने आई है। इस मामले में थाना कोतवाली और थाना सिहानी गेट में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है।

 
 
 

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