अखिलेश यादव ने सीएम योगी को दिया जवाब
- Jantantra Live

- 6 दिन पहले
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बोले- कुछ लोग जागकर भी रहते हैं मदहोश

लखनऊ: सीएम योगी के बबुआ 12 बजे सोकर उठता है, बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को पलटवार किया. उन्होंने सीएम योगी के बयान पर कहा कि कुछ लोग नींद से तो उठ जाते हैं, लेकिन होश में नहीं आते और उनकी आंखें दिन भर बंद रहती हैं. ऐसे लोग जाग कर भी मदहोश रहते हैं.
गणतंत्र दिवस पर सीएम योगी को जवाब: सीएम योगी ने रविवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सियासी हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि 12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ को कहां फुर्सत थी कि गरीबों के बारे में सोच सकें. जिस प्रदेश का मुखिया 12 बजे सोकर उठता होगा, उसके लिए कोई सूर्योदय की बात करेगा तो वो उसे सपना मानेगा. सीएम योगी के इस तंज पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गणतंत्र दिवस पर पलटवार किया.

ये सीजन तो बथुआ का है: सपा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग नींद से तो उठ जाते हैं, लेकिन होश में नहीं आते. उनकी आंखें दिन भर बंद रहती हैं. ऐसे लोग जाग कर भी मदहोश रहते हैं. अखिलेश ने माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि सुना है कि एक कोई सतुआ बाबा और बथुआ बाबा हैं. वैसे ये सीजन तो बथुआ का है.
सपा कार्यकर्ताओं से सावधान रहने की अपील: अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं से सावधान रहने की भी अपील भी की. उन्होंने कहा कि जो लोग विज्ञापन देकर धोखा दे रहे हैं. सोचिए देश कहां पहुंच गया है. हमें कहां रहना चाहिए था. इसलिए संविधान के तहत देश चले और संविधान के तहत फैसले हों. बीजेपी सरकार ने शंकराचार्य के सामने भी संकट पैदा कर दिया है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पोस्ट में लिखा था कि मुख्यमंत्री मंच पर अपने झूठ का प्रपंच न फैलाएं. शिक्षा में सुधार का असत्य राग न अलापें.

संविधान को अपने से नीचे समझना ठीक नहीं: सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बीजेपी नेताओं से जनता पूछ रही है कि जब अपने ऊपर लगे मुक़दमे हटवाए थे तो संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ऐसा वैध-कार्य किया था?
जो महोदय ‘सनातनी संतों’ का तिरस्कार मंचों से लगातार कर रहे हैं,
जो अपमानजनक अवांछित उपमा दे रहे हैं,
जो अपनी विध्वंसकारी नकारात्मक ‘बुलडोज़री सोच’ के समर्थन में नारे लगवाकर माघमेले के धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ रहे हैं,
जो माघमेले के उपद्रवियों के विरुध्द मुक़दमा दर्ज़ नहीं कर रहे हैं,
वो महोदय मौन ही रहें, यही उनके लिए श्रेयस्कर है.
बीजेपी का धर्म विरोधी चेहरा बेनक़ाब हुआ: अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सत्ताकामी भाजपा का धर्म विरोधी चेहरा बेनक़ाब हो गया है. जो हानि होनी थी वो हो गयी है. अब अगर भाजपाई और उनके संगी-साथी माफ़ी भी माँग लेंगे तो उसका कोई अर्थ नहीं होगा, क्योंकि मायने उसी माफ़ी के होते हैं, जो मन से मांगी जाती है, मजबूरी से नहीं. शासनाधीश याद रखें हठ, हत करता है. भाजपाइयों का विचार, वक्तव्य और व्यवहार सदैव असंवैधानिक होता है. सत्ता के अहंकार में डूबी ‘संविधान विरोधी भाजपा’ अब नहीं बचेगी.
12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ को कहां फुर्सत थी: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर सीएम योगी ने एक प्रोग्राम में कहा था कि 12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ को कहां फुर्सत थी कि गरीबों के बारे में सोच सके. जिस प्रदेश का मुखिया 12 बजे सोकर उठता होगा, उसके लिए कोई सूर्योदय की बात करेगा, तो वह उसे सपना ही मानेगा. क्योंकि उसे देश दुनिया की कोई जानकारी नहीं होगी और वह लेना भी नहीं चाहेगा. उसे पता भी नहीं था कि बेसिक शिक्षा उसके समय में बंजर हो चुकी थी. तब माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन चुकी थी. शिक्षा माफिया नौजवानों के भरोसे से खिलवाड़ करते थे.



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