10 करोड़ का साइबर फ्रॉड: दिल्ली पुलिस ने 5 शातिर पकड़े
- Jantantra Live

- 2 दिन पहले
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नई दिल्ली: दिल्ली के साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के सरिता विहार पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह कमीशन के आधार पर साइबर अपराध से हासिल रकम को विभिन्न बैंक खातों से निकालने का काम करता था. पुलिस की इस कार्रवाई से करीब 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम निकाले जाने से बचा ली गई. मामले की जांच के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है.
सरिता विहार पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास, वंश, फैयाज आलम, अमित और बलवीर कुमार के रूप में हुई है. ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैं. आरोपियों ने 63 ट्रांज़ैक्शन के जरिए एक प्राइवेट कंपनी से 10.40 करोड़ रुपये उड़ाए थे.
साउथ ईस्ट के एडिशनल डीसीपी जसबीर सिंह ने बताया है कि संगठित साइबर क्राइम के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सरिता विहार पुलिस स्टेशन की टीम ने कमीशन-आधारित साइबर फ्रॉड से पैसे निकालने वाले एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने साइबर फ्रॉड से जुड़ी लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध रकम को निकालने से सफलतापूर्वक रोक दिया. यह ऑपरेशन IDFC FIRST बैंक, जसोला के ब्रांच मैनेजर से मिली सूचना के आधार पर शुरू किया गया और इसे Cy-Hawk 5.0 के तहत अंजाम दिया गया. सरिता विहार पुलिस स्टेशन में BNS की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है.
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि इस गिरोह के तार मुंबई में सामने आए एक बड़े धोखाधड़ी के मामले से जुड़े हुए हैं. इस मामले में एक निजी कंपनी को निशाना बनाकर 3 जून से 15 जून 2026 के बीच 63 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 10.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी. पुलिस को शक है कि इसी नेटवर्क का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने और निकालने में किया गया. मुंबई का यह मामला दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन, क्राइम ब्रांच में दर्ज है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों और लोगों तक पहुंची. दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इस बड़े साइबर नेटवर्क का केवल एक हिस्सा हैं. पकड़े गए सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं. गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.



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